बारां , अप्रैल 07 -- राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बारां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया है, जिसमें न्यायिक अधिकारी स्वयं स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दे रहे हैं।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए बच्चों को शुरुआत से ही सतर्क रहना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें।
जिला न्यायाधीश ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी जिलों में साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत मजिस्ट्रेट और अन्य न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके समझा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले का 26 स्कूलों में लगभग 3000 बच्चों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया है। न्यायाधीशों ने स्कूलों में जाकर बच्चों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया है।
जिला विधिक प्रधिकरण की सचिव हीना परिहार ने बताया कि जिले के 594 स्कूलों का चयन किया गया है। जहां उन्हें साइबर अपराधों की रोकथाम से संबंधित पाठ पढ़ाए जाएंगे वहीं स्कूलों में बॉक्स भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे कोई विद्यार्थी कुछ बताने में असहाय होगा तो लिखित में परिवाद बॉक्स में डाल सकेंगे। जिस पर प्राधिकरण कार्यवाही अमल में लाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें।
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