हाजीपुर , सितम्बर 24 -- बिहार के वैशाली जिले में कृषि को अधिक टिकाऊ, संसाधन-कुशल एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से किसानों को नवीन एवं उपयोगी कृषि तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा किसानों को अजोला के वैज्ञानिक उत्पादन, रख-रखाव एवं कृषि तथा पशुपालन में इसके उपयोग की संभावनाओं के संबंध में जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इच्छुक एवं प्रगतिशील किसानों के बीच अजोला का प्रत्यक्षण-सह-वितरण कर उन्हें इसकी उत्पादन तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी दिया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग किसानों की लागत को नियंत्रित करने के साथ कृषि एवं पशुपालन को अधिक टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अजोला जैसी कम लागत वाली तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाकर किसानों को कृषि एवं पशुपालन में इसके संभावित उपयोग से जोड़ा जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि किसी भी नवीन तकनीक को अपनाने से पूर्व कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय कर्मियों से आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त करें तथा वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप ही इसका उत्पादन एवं उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन के बीच बेहतर समन्वय तथा उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग से किसानों की उत्पादन व्यवस्था को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाया जा सकता है।
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