हल्द्वानी , जनवरी 21 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के नेतृत्व में बीते तीन महीनों के भीतर जिले में राजस्व व्यवस्था को जनहित के अनुकूल बनाते हुए उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं, जिनकी शासन स्तर पर भी जमकर सराहना की गई है। जिले ने राजस्व एवं नागरिक सेवाओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

जिले में राजस्व कर्मियों द्वारा ग्राम स्तर पर चौपालों का आयोजन कर करीब पांच हजार निर्विवाद विरासत मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों से लगभग 17 हजार लोगों को सीधा लाभ मिला है। लंबे समय से लंबित विरासत मामलों के निस्तारण से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें बार-बार तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

इसके साथ ही मेड़ विवाद, सीमा विवाद, खेत संख्या की पैमाइश, नपती, सीमांकन, गूलों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने से जुड़े कुल 1150 मामलों का भी सफल निस्तारण किया गया। इन कार्यों के लिए परगना स्तरीय राजस्व प्रवर्तन टीमों, नैनीताल की विशेष रूप से प्रशंसा की गई है।

जिले में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों से जुड़ी पेंडेंसी को भी पूरी तरह शून्य कर दिया गया है, जिससे आम जनता को समय पर प्रमाण पत्र मिल सके।

एंकर :जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि राजस्व कर्मियों को उनके मूल दायित्वों के प्रति प्रोत्साहित किया गया है, ताकि जनता से जुड़े मामलों का समाधान गांव स्तर पर ही हो सके।

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