टिहरी , अप्रैल 28 -- उत्तराखंड में टिहरी जनपद के जिलाधिकारी ने हाल ही में चंबा, कुंजापुरी और देवप्रयाग क्षेत्रों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को मंगलवार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में जिलाधिकारी ने चंबा-उत्तरकाशी मार्ग के संवेदनशील स्थलों पर भूस्खलन उपचार कार्य शीघ्र कराने, जेसीबी मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने और उनकी सूची विभागों के साथ साझा करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग, चंबा के अधिशासी अभियंता जगदीश खाती ने जानकारी दी कि चंबा-नैल मार्ग पर 15 पैरापेट लगाए जा चुके हैं और आगे क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
एआरटीओ सतेंद्र राज ने राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला मार्गों पर हुई दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए चेक पोस्ट और एएनपीआर प्रणाली की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने ढलान वाले मार्गों पर रंबल स्ट्रिप्स लगाने तथा वाहन चालकों को ब्रेक, टायर, क्लच और हैंडब्रेक की नियमित जांच के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
एसएसपी श्वेता चौबे ने नैल-चंबा मार्ग पर हालिया दुर्घटना स्थल को ब्लैक स्पॉट घोषित कर उसके विस्तृत अध्ययन का सुझाव दिया। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान रात्रि यात्रा से बचने और सुबह चार बजे के बाद ही यात्रा शुरू करने के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने पर बल दिया।
बैठक में ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने तछला जैसे ढलान वाले मार्गों पर स्पीड साइन बोर्ड लगाने, वाहनों की फिटनेस जांच, ड्राइविंग लाइसेंस (विशेषकर हिल लाइसेंस) की जांच और पार्किंग व्यवस्था सुधारने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने डंपिंग जोन को समतल कर पार्किंग के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम शैलेंद्र नेगी, एएसपी दीपक, सभी एसडीएम, एआरटीओ सतेंद्र राज, बीआरओ के एस.एस. रावत सहित परिवहन एसोसिएशन के पदाधिकारी-गजेंद्र सिंह नेगी, सुरेश तिवारी, अमर सिंह रावत और बिजेंद्र सिंह कडांरी उपस्थित रहे।
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