मुंबई , जुलाई 10 -- टैक्स फाइलिंग सीजन के दौरान जियोफाइनेंस ने अपनी आयकर फाइलिंग और कर प्लानिंग सुविधा फिर से शुरू करने की शुक्रवार को घोषणा की है जिसमें उपयोग करने वालाें को जियोप्वॉइंट्स का लाभ भी मिलेगा।
कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि वह यह सुविधा टैक्सबडी (एसएसबीए इनोवेशंस) के साथ साझेदारी में दी जा रही है, जो सरकार द्वारा पंजीकृत ई-रिटर्न इंटरमीडियरी (ई-रिर्टन माध्यम) है। इस मॉड्यूल में क्रमबद्ध दिशानिर्देश, कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने वाले टूल, मजबूत टैक्स प्लानर और विशेष की सलाह जैसी सुविधाएं मिलती हैं। जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म एंड सर्विस लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरभि एस शर्मा ने कहा कि, " हमारे आसान और किफायती टैक्स फाइलिंग मॉड्यूल के जरिए हम आईटीआर फाइल करने की पारंपरिक परेशानियों और ज्यादा खर्च को कम कर रहे हैं। जियोप्वॉइंट्स रिवॉर्ड्स और मजबूत प्राइवेसी व डेटा सुरक्षा व्यवस्था के साथ हम उपयोगकर्ताओं को ऐसी सुविधा दे रहे हैं, जो न सिर्फ तेज और आसान है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद भी है।"विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिर्फ 24 रुपये से शुरू होने वाले सेल्फ-सर्विस विकल्प के साथ यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह डिजिटलीकृत और उपयोग में सुविधाजन है। इसके जरिए बिना किसी कागजी कार्रवाई के आसानी से आयकर रिटर्न भरा जा सकता है साथ ही पूरे वित्त वर्ष की 'कर भरने की योजना' बनायी जा सकती है। इस साल से जियोफाइनेंस की इस सुविधा का इस्तेमाल कर कर विवरण भरने वाले यूजर को कुल फाइलिंग फीस का 25 प्रतिशत तक जियोप्वॉइंट्स का लाभ मिलेगा। इन जियोप्वॉइंट्स का इस्तेमाल सीधे ऐप के जरिए लोकप्रिय ब्रैंड के वाउचर, खास शॉपिंग ऑफर्स और पार्टनर डील्स का फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है। आसान और उपयोगकर्ता अनुकूल इंटरफेस की मदद से लोग घारा 80सी और 80डी जैसी कर छूट का पूरा लाभ ले सकते हैं, पुरानी और नयी कर प्रणाली की तुलना कर सकते हैं और अपने टैक्स रिटर्न या रिफंड का स्टेटस भी सीधे ऐप पर देख सकते हैं।
कंपनी का कहना है कि भरोसे और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस टैक्स मॉड्यूल में उपयोगकर्ता का पूरा डेटा सिर्फ टैक्सबडी के सुरक्षित और इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड एन्क्रिप्टेड सिस्टम में ही प्रोसेस किया जाता है। इस डेटा का इस्तेमाल केवल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए किया जाता है।
टैक्सबडी के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्रीनिवास रेड्डी ने टैक्स मॉड्यूल पर कहा, " जियोफाइनेंस के साथ यह साझेदारी आम भारतीयों को आसानी, सुरक्षित तरीके और पूरे भरोसे के साथ अपना टैक्स फाइल करने में मदद करेगी। यह सुविधा टैक्सबडी के सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ई-रिटर्न इंटरमीडियरी फ्रेमवर्क पर आधारित है।" जियोफाइनेंस ऐप में अलग-अलग आय वर्ग और टैक्स फाइलिंग की जरूरतों के हिसाब से कई विकल्प दिए गए हैं, ताकि यूजर्स को सिर्फ उसी सर्विस के लिए पेमेंट करना पड़े, जिसकी उन्हें वास्तव में जरूरत है।
डू-इट-योरसेल्फ यानी खुद टैक्स फाइल करने वाले प्लान में यूजर्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पोर्टल से टैक्स से जुड़ा डेटा आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ नोटिस मैनेजमेंट की सुविधा भी विकल्प के रूप में उपलब्ध है।अगर जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म के जरिए फाइल किये गयक आईटीआर पर बाद में इनकम टैक्स विभाग का कोई नोटिस आता है, तो टैक्सबडी की टीम बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उसका जवाब देने और पूरी प्रक्रिया में मदद करेगी।
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