छत्रपति संभाजीनगर , मार्च 01 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए 'वहदत-ए-इस्लामी हिंद' के प्रमुख जियाउद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कदम 'अनुचित' है। उन्होंने आग्रह किया कि इजरायली संसद द्वारा प्रदान किया गया 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' बिना किसी देरी के वापस किया जाना चाहिए।
श्री सिद्दीकी ने गाजा की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इजरायली सरकार और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों की बड़े पैमाने पर हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। उनके अनुसार, श्री नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे हैं और कई देशों में उनकी गिरफ्तारी की मांग उठी है।
श्री सिद्दीकी ने कहा कि ऐसे समय में जब इजरायल वैश्विक बहिष्कार का सामना कर रहा है, भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा और निकटता का प्रदर्शन भारत की सैद्धांतिक स्थिति के विपरीत माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी अपेक्षा थी कि भारत इस अवधि के दौरान गाजा मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यह 'चिंता का विषय' है।
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