नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- कांग्रेस महासचिव तथा पार्टी सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने की घटना के संबंध में असत्य बयान देकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
श्री वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया एक्स पर शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने डॉ. सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री ने संसद में यह कहकर स्पष्ट रूप से असत्य कहा है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया के सामने पेलेट गन से घायल एक छात्र से मुलाकात की थी। इसके अलावा गोली लगने से घायल लोगों के संबंध में अनेक मीडिया रिपोर्टें तथा अस्पतालों के रिकॉर्ड भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि सरकार संसद में असत्य बोलकर बच नहीं सकती और संबंधित मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष को भेजे अपने विशेषाधिकार हनन नोटिस में श्री वेणुगोपाल ने कहा कि वह लोकसभा के कार्य संचालन एवं कार्यवाही नियमावली के नियम 222 के तहत यह प्रस्ताव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान डॉ. सिंह ने सदन में कहा था कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कोई गोली चलाने की घटना नहीं हुई, केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था और जब गोली चली ही नहीं तो आदेश देने का प्रश्न ही नहीं उठता।
उन्होंने अपने नोटिस में कहा कि मंत्री का यह बयान जमीनी तथ्यों के प्रतिकूल है। उनके अनुसार, गोली चलाने की घटना हुई थी और उसमें घायल व्यक्ति अब भी उपचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध साक्ष्य, मीडिया रिपोर्टें तथा अस्पतालों के रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के पटल पर "कोई गोली नहीं चली" कहना जानबूझकर संसद को गलत जानकारी देना और सदन को गुमराह करना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित