अगरतला , अगस्त 10 -- त्रिपुरा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने बिजली दरों में हालिया वृद्धि और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं की आलोचना करते हुए राज्य सरकार से इन फैसलों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

श्री चौधरी ने बताया कि राज्य में बिजली व्यवस्था खराब होने की शुरुआत तब हुई जब पूर्व बिजली मंत्री जिष्णु देव वर्मा के कार्यकाल में पांच बिजली क्षेत्र निजी कंपनियों को दे दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से आम जनता पर खर्च का बोझ बढ़ गया और निजी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि, जनता के विरोध के कारण सरकार निजीकरण को आगे नहीं बढ़ा सकी।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता ने आरोप लगाया कि इस दौरान निजी बिजली कंपनियों ने बड़े वित्तीय लेनदेन के बाद राज्य से बाहर निकलने का मौका भी हासिल कर लिया। बिजली मंत्री रतन लाल नाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी ही समस्याएं अब कृषि और बिजली, दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रही हैं।

स्मार्ट मीटर को लेकर श्री चौधरी ने दावा किया कि राज्य सरकार का इन पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं है और निजी कंपनियों का इनकी व्यवस्था पर काफी प्रभाव है। उन्होंने कहा कि बिजली के बढ़ते बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं।

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