जालौन , जुलाई 9 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक ली और अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने और दोषियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी न बरतने के निर्देश दिए।

सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सी.आर. प्रजापति ने बताया कि विशेष अभियान के तहत न्यायालय द्वारा अब तक 10 लाख 22 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। इनमें दूध में मिलावट के दोषी पाए गए 9 लोगों पर 5 लाख 72 हजार 500 रुपये का जुर्माना शामिल है। वित्तीय वर्ष में 52 खाद्य नमूनों की जांच में 15 नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिले, जिन पर न्यायालय में वाद दायर कर कार्रवाई की गई।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि 37 मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण में 26 दवाओं के नमूने लिए गए, जिनमें एक नमूना अधोमानक पाया गया है और मामले में न्यायालय में वाद लंबित है।

जिलाधिकारी ने सभी मेडिकल स्टोरों को जीएसटी पंजीकरण के दायरे में लाकर पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित करने, गर्मी के मौसम में जूस व शीतल पेयों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा दूध, फल, रंगयुक्त सब्जियां, मसाले और खाद्य तेल सहित अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए।

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