जालौन , अप्रैल 12 -- उत्तर प्रदेश के जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गेहूं खरीद केंद्रों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर वारदाना (बोरी) की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिले में एक लाख 83 हजार वारदाना उपलब्ध हैं, जिससे गेहूं खरीद कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। समीक्षा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मार्केटिंग, पीसीएफ, पीसीयू और एफसीआई एजेंसियों के पास पर्याप्त भंडारण व्यवस्था मौजूद है।
उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रामपुरा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और पंजीकरण मशीन को तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी बाधाओं के कारण किसानों को परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने सख्ती से कहा कि गेहूं खरीद केवल खसरा देखकर न की जाए, बल्कि किसान पंजीकरण पहचान संख्या के आधार पर शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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