जालौन , दिसंबर 9 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए।
उन्होंने ओवर स्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइविंग, हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने, तथा मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने को कहा। स्कूलों में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं के बीच नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने पर उनके अभिभावकों या वाहन स्वामी पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही स्कूल वाहनों की फिटनेस, चालक-परिचालक की जानकारी, मोबाइल नंबर, रोड रिफ्लेक्टर तथा सुरक्षा मानकों की समय-समय पर जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
वाहनों पर रोड रिफ्लेक्टर न मिलने पर पहली बार 10 हजार, दूसरी बार 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए और तीसरी बार चालक का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि हेलमेट न पहनने पर आम नागरिकों के साथ सरकारी कर्मचारियों पर भी जुर्माना लगाया जाए।
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