जालौन , अक्टूबर 30 -- उत्तर प्रदेश में जालौन जिले के डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में गुलाब जल बनाने की आड़ में संचालित एमडी ड्रग्स फैक्टरी का राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है।
करीब 20 सदस्यीय केंद्रीय एजेंसियों की टीम ने बृहस्पतिवार तड़के छापेमारी की। गोपनीय तरीके से शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही। टीम ने मौके से करीब 12.5 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत साढ़े चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। मौके से महाराष्ट्र और हमीरपुर जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि फैक्टरी संचालक शैलेंद्र सिंह पाल की तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐरी रमपुरा गांव में करीब पांच माह पहले शैलेंद्र सिंह पाल के परिसर में टिनशेड डालकर गुलाब जल बनाने का काम शुरू किया गया था। इसी कारोबार की आड़ में वहां एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। बताया जाता है कि तैयार नशीले पदार्थ का नमूना लेकर आरोपी मुंबई गए थे। वहां इसकी बिक्री का सौदा करने की कोशिश के दौरान किसी व्यक्ति ने डीआरआई को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद एजेंसी ने गोपनीय जांच शुरू की और संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र के सांगली जिले के निवासी संतोष गावली और हमीरपुर जिले के गोहांड निवासी हेमंत को गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के मुताबिक, संतोष पहले भी ड्रग्स निर्माण के मामले में जेल जा चुका है। जेल में ही उसकी मुलाकात हेमंत से हुई थी। बाहर आने के बाद दोनों ने शैलेंद्र सिंह पाल से संपर्क किया और गांव में फैक्टरी संचालित करने लगे। दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, रासायनिक पदार्थ, दो ड्रम, पानी का टैंकर, बिना नंबर की कार और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस को भी जांच प्रक्रिया से दूर रखा गया था। केंद्रीय एजेंसियों के सदस्य देर रात तक फैक्टरी परिसर में साक्ष्य जुटाने और बरामद सामग्री की जांच में लगे रहे।
सूत्रों के मुताबिक, मामले में मुंबई और कानपुर के कुछ ड्रग्स कारोबारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्टरी में तैयार नशीले पदार्थ की आपूर्ति कहां की जानी थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मामले में संयुक्त टीम ही आगे की कार्रवाई कर रही है।
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