जालौन , जून 17 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बुधवार को बिना पंजीकरण संचालित नर्सिंग होम, चिकित्सालय, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी एवं अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जनपद एवं तहसील स्तर पर संयुक्त जांच टीमों का गठन किया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर निजी स्वास्थ्य संस्थानों का सघन निरीक्षण, सत्यापन एवं मानकों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान संस्थानों के पंजीकरण, आवश्यक अनुमतियों तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। यदि कोई संस्था बिना वैध पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत संचालित पाई जाती है तो उसके विरुद्ध तत्काल सीलिंग, अभियोजन और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), मुख्य चिकित्साधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त समिति बनाई गई है। वहीं उरई नगर क्षेत्र एवं सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को शामिल करते हुए संयुक्त जांच टीमें गठित की गई हैं।
डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रत्येक टीम के साथ एक-एक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी नामित करने तथा जांच रिपोर्ट संकलित कर अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर आमजन के जीवन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी समितियों को सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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