जालौन , अप्रैल 7 -- उत्तर प्रदेश के जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंगलवार को आयोजित बैठक में डीएम ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम के तहत स्कूल संचालकों, प्रिंसिपलों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का किसी भी स्थिति में उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यालयों ने हाल ही में फीस में बढ़ोतरी कर छात्रों से वसूली की है, तो अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस की जाए या आगामी माह की फीस में समायोजित की जाए। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि सत्र 2026-27 में सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड सहित किसी भी बोर्ड के विद्यालयों को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है।
जिलाधिकारी ने एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश देते हुए निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए छात्रों को बाध्य करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि अभिभावकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां एनसीईआरटी की किताबें रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा डीएम ने स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म बदलने के मुद्दे पर भी सख्ती दिखाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में ड्रेस परिवर्तन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राजकुमार पंडित, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) चंद्रप्रकाश समेत जिले के कई विद्यालय संचालक एवं प्रिंसिपल उपस्थित रहे।
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