जालौन , अक्टूबर 18 -- उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में रविवार को बुजुर्गों को अपनों का साथ और बच्चों को बाबा-दादी का प्यार दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी समीर ने संवेदनशील पहल की है। इसके तहत वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों और बच्चों के बीच आत्मीय रिश्ता विकसित किया जाएगा, ताकि दोनों पीढ़ियां एक-दूसरे के अनुभवों, संस्कारों और भावनाओं से जुड़ सकें।
इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर ने बताया कि उम्मीद मिशन के बच्चों ने वृद्धाश्रम में लीफ आर्ट यानी पत्तियों से कलाकृतियां बनाने की गतिविधि में भाग लिया। बच्चों ने अपनी पसंद से बुजुर्गों को दादा-दादी के रूप में चुना और उनके साथ बैठकर सुंदर कलाकृतियां बनाईं। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों के बीच स्नेह, संवाद और अपनत्व का भाव देखने को मिला।
जिलाधिकारी की मंशा है कि बुजुर्गों को केवल देखभाल तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बच्चों के साथ समय बिताने, अपने अनुभव साझा करने और परिवार जैसा माहौल महसूस करने का अवसर मिले। वहीं बच्चे अपने चुने हुए बाबा-दादी के साथ पढ़ेंगे, उन्हें पढ़ाएंगे और खेल-खेल में जीवन की महत्वपूर्ण सीख हासिल करेंगे।
हमारी उम्मीद मिशन की संचालिका अवंतिका तिवारी जरूरतमंद, मजदूर एवं वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और शैक्षणिक सहयोग प्रदान करती हैं। इसी मिशन के बच्चों को वृद्धाश्रम के बुजुर्गों से जोड़कर उनमें सेवा, सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल दो पीढ़ियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने के साथ समाज को बुजुर्गों के सम्मान और बच्चों में संस्कार विकसित करने का संदेश भी देती है।
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