जालौन , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के जालौन जिले ने कृषि विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलाधिकारी समीर को सम्मान प्रदान किया। देश के 100 आकांक्षी कृषि जिलों में शामिल जालौन में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, संस्थागत कृषि ऋण की उपलब्धता और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्य किया गया।
जिलाधिकारी समीर के नेतृत्व में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई और बैंकिंग विभागों ने किसानों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कृषि वैज्ञानिकों की सलाह, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य संस्थागत ऋण सुविधाओं के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने और खेती की लागत नियंत्रित करने में सहायता देने के प्रयास किए गए।
कृषि यंत्रीकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर, ड्रोन तकनीक और 'नमो ड्रोन दीदी' जैसी पहल को भी प्रोत्साहित किया गया। बुंदेलखंड में जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दिया गया। भंडारण एवं कृषि अवसंरचना के विकास पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी समीर ने सम्मान को किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
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