मुंबई , अक्टूबर 22 -- महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता रामदास कदम ने गुरुवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल पर पलटवार करते हुए एक दुर्भावनापूर्ण साजिश रचने और राजनीतिक लाभ के लिए ढाई साल तक एक पुरानी ऑडियो क्लिप को छिपाकर रखने का आरोप लगाया।

श्री कदम ने यहां संवाददाता सम्मेलन में श्री जारांगे द्वारा जारी की गयी 32 मिनट की ऑडियो क्लिप के समय और उसकी प्रमाणिकता पर सवाल उठाये। उन्होंने बताया कि यह रिकॉर्डिंग 14 अक्टूबर 2024 की है, जिस दौरान कई विधानसभा और लोकसभा चुनाव हुए थे। श्री कदम ने एक बड़ा राजनीतिक खुलासा करते हुए दावा किया कि उनके पास श्री जारांगे की एक गुप्त बैठक के सबूत हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक विधायक भी मौजूद था। आरोप है कि इस बैठक में आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा था कि 'यहां बैठे लोगों में से आधे से अधिक लोग श्री एकनाथ शिंदे के 'चमचे' (समर्थक) हैं।'शिंदे गुट के नेता ने सवाल किया कि श्री जारांगे ने अक्टूबर 2024 की इस ऑडियो क्लिप को कई चुनाव चक्रों और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हुई कई मुलाकातों के दौरान क्यों छिपाकर रखा? उन्होंने तुरंत सामने आकर अपने समुदाय के नेताओं को बदनाम होने से क्यों नहीं बचाया? उन्होंने सत्ताधारी पार्टी द्वारा कोई बड़ी साजिश रचे जाने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 31 मिनट की इस क्लिप में केवल छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे और मुंबई के स्थानीय लोगों की आवाजें हैं। इसमें भाजपा का कोई भी वरिष्ठ या बड़ा नेता शामिल नहीं है। उन्होंने क्लिप में बोलने वाले उस 'डॉक्टर' की पहचान करने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच की मांग की।

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