बेंगलुरु , सितंबर 13 -- कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने यहां पार्टी कार्यालय में कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनसे जुड़े मामलों में तलाशी अभियान चलाने के कुछ ही समय बाद हुई, जिससे इस बैठक के राजनीतिक महत्व को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।
हालांकि, श्री जारकीहोली ने इस बैठक को पार्टी की सामान्य चर्चा बताया और इस बात से इनकार किया कि उनके बीच ईडी की कार्रवाई पर कोई बातचीत हुई।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बैठक मुख्य रूप से ज़िला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति और संगठन से जुड़े अन्य मामलों के बारे में थी।
यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि यह श्री जारकीहोली के खिलाफ ईडी की छापेमारी के ठीक बाद हुई है, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों पर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्य के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने खास तौर पर पार्टी में दलित नेताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की।
श्री जारकीहोली ने यह भी कहा कि वह ईडी के आरोपों और एजेंसी द्वारा बताए गए सबूतों का जवाब देंगे।
माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की बैठक में 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठनात्मक तैयारियों पर भी चर्चा हुई, जिसमें आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस को मज़बूत करना भी शामिल है।
बेलगावी के प्रमुख कांग्रेसी नेता श्री जारकीहोली ने इस इलाके में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई है। उम्मीद है कि बातचीत जारी रहेगी, विशेष रूप से 2028 के चुनावों से पहले आरक्षित सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखने और भाजपा का मुकाबला करने की पार्टी की रणनीति पर।
ईडी की कार्रवाई के बीच केपीसीसी दफ़्तर में हुई अचानक बैठक ने राज्य कांग्रेस के भीतर काफ़ी राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ा दी है।
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