श्रीनगर , मार्च 17 -- कश्मीर घाटी में शब-ए-कद्र बेहद अकीदत और जज्बे के साथ मनायी गयी। इस दौरान हजारों की तादाद में जायरीन रात भर इबादत करने के लिए मस्जिदों और दरगाहों में उमड़ पड़े। इसे लैलतुल कद्र के नाम से भी जाना जाता है।

ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को छोड़कर पूरी घाटी के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रार्थनाएं आयोजित की गयीं। अधिकारियों ने यहां लगातार सातवें वर्ष रात भर की सामूहिक इबादत पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही, प्रशासन ने कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को उनके घर पर नजरबंद कर दिया था।

अकीदतमंद सुबह तड़के तक दुआओं, कुरान पाक के पाठ और विशेष तरावीह की नमाज में मशगूल रहे।सबसे बड़ा मजमा खूबसूरत डल झील के किनारे स्थित मुकद्दस हजरतबल दरगाह में लगा था, जहां इस पाक मौके पर आशीर्वाद लेने के लिए भारी तादाद में अकीदतमंद जमा हुए।

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