धार , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश में धार जिले के तिरला स्थित सांदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आदिवासी छात्र-छात्राओं ने रसायन शास्त्र की शिक्षिका पर जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
कक्षा 11वीं और 12वीं के दर्जनों विद्यार्थी करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पारुल जैन को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने शिक्षिका दीपिका शक्तावत के साथ-साथ प्राचार्य और संबंधित अधिकारियों पर भी शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
छात्रों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि शिक्षिका दीपिका शक्तावत पिछले लगभग एक वर्ष से उनके साथ जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां कर रही हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पढ़ाई और नौकरी के लिए अयोग्य बताते हुए मजदूरी करने तथा अन्य अपमानजनक बातें कही जाती हैं। विरोध करने पर उन्हें डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
छात्रों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। 20 जुलाई को अभिभावकों ने भी विद्यालय प्राचार्य सीमा मिश्रा को आवेदन देकर शिक्षिका को हटाने की मांग की थी। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों पर ही दबाव बनाया जा रहा है, जिससे विद्यालय में भय का वातावरण बना हुआ है।
ज्ञापन में कस्तूरबा एवं आदिवासी छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें की गई हैं। छात्रों ने गुणवत्ताहीन भोजन मिलने, शिकायत करने पर छात्रावास से निकालने की धमकी देने तथा विद्यार्थियों से झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ कराने जैसे आरोप लगाए हैं।
कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च के दौरान मानसिक और शारीरिक तनाव के कारण चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
छात्रों और आदिवासी छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षिका दीपिका शक्तावत, प्राचार्य सीमा मिश्रा और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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