जांजगीर-चांपा , सितंबर 09 -- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब दो माह पहले हुए अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद के बाद युवक की हत्या की गई और शव को करीब 24 घंटे से अधिक समय तक छिपाकर रखने के बाद दूसरी जगह ले जाकर फेंक दिया गया था।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्राम कोसा निवासी बजरंग सिंह और पप्पू सिंह तथा हाथनेवरा चांपा निवासी संतोषी सिंह के रूप में की है। संतोषी का मायका ग्राम कोसा में बताया गया है।

पुलिस से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार 27 जून की रात अमित भंडारी घर से निकला था और 29 जून की सुबह उसका शव गांव के अमहदा तालाब के समीप एक निर्जन बाड़ी में मिला था। मामले में अपराध दर्ज कर प्रेम प्रसंग, पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद तथा अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की गई थी। प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया गया।

जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आईपीडीआर, टावर डंप, जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज सहित विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने संदिग्धों की घटना के समय की लोकेशन और घटना के बाद उनके व्यवहार की भी जांच की। मामले में बिलासपुर से बुलाए गए ट्रैकर डॉग 'विमला' से भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।

पुलिस के मुताबिक मृतक अमित और संतोषी के बीच उसके विवाह से पहले से प्रेम संबंध था और विवाह के बाद भी दोनों संपर्क में थे। घटना की रात दोनों के बीच देर रात तक फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद करीब ढाई बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा था।

इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग काम से घर लौटा और दोनों को साथ देखकर उसका अमित से विवाद हो गया। पुलिस का आरोप है कि मारपीट के दौरान अमित ने वहां से भागने का प्रयास किया, तभी बजरंग ने पास पड़े छोटे फावड़े (रापा) से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार घटना के बाद बजरंग ने शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। संतोषी पर घटना देखने और शव छिपाने में सहयोग करने का आरोप है। अगले दिन बजरंग ने अपने बड़े भाई पप्पू को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर मृतक के परिजनों के साथ उसकी तलाश करने का दिखावा किया और गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गए।

पुलिस का दावा है कि 28 जून की मध्यरात्रि मौका मिलने पर आरोपियों ने शव को वहां से हटाकर गांव में दूसरी जगह रख दिया। जांच के दौरान संदिग्धों के बयानों में कथित विरोधाभास और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाई गई।

पुलिस ने बताया कि प्रकरण की जांच में पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और नार्को परीक्षण जैसी फॉरेंसिक तकनीकों का भी सहारा लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में कथित रूप से प्रयुक्त छोटा फावड़ा और शव को स्थानांतरित करने में इस्तेमाल छोटी सीढ़ी बरामद की गई है।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर मामले में आगे की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

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