कीव , सितंबर 05 -- रूस और यूक्रेन के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की मध्यस्थता से शनिवार को एक अस्थाई युद्धविराम लागू हुआ, ताकि लंबे समय से जारी बिजली कटौती के बाद ज़ापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र की बिजली व्यवस्था को बहाल करने के लिए आवश्यक मरम्मत की जा सके।

आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी दी। उनके एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नीपर नदी के उत्तरी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण 20 अगस्त को संयंत्र की एकमात्र शेष 330-किलोवॉट 'फेरोस्प्लावन-1' बिजली लाइन से संपर्क टूट गया था। तब से यह संयंत्र अपने छह रिएक्टरों और ईंधन को ठंडा रखने के लिए पूरी तरह से आपातकालीन डीजल जनरेटरों पर निर्भर है।

आईएईए महानिदेशक ग्रॉसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि संयंत्र के पास डीजल ईंधन का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है। अगर बाहरी बिजली की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की जाती या सक्रिय युद्ध क्षेत्र में स्थित इस संयंत्र तक ईंधन नहीं पहुंचाया जाता, तो आने वाले कुछ ही दिनों में संयंत्र में पूरी तरह से ब्लैकआउट की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

श्री ग्रॉसी ने बताया कि मरम्मत कार्य को सुगम बनाने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों ने आईएईए के साथ रचनात्मक सहयोग किया है। युद्धविराम के दौरान आईएईए की एक विशेष टीम पूरी मरम्मत प्रक्रिया की निगरानी करेगी। इस संघर्ष के दौरान किसी भी संभावित परमाणु दुर्घटना को रोकने के प्रयासों के तहत राफेल ग्रॉसी द्वारा कराया गया यह सातवां सफल स्थानीय युद्धविराम है।

उल्लेखनीय है कि ज़ापोरिजिया परमाणु संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा और विश्व के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। मार्च 2022 में रूसी सेना के इसे अपने नियंत्रण में लिए जाने के बाद से ही यह संयंत्र संघर्ष का एक प्रमुख संवेदनशील केंद्र बना हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित