अमृतसर , अगस्त 30 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से मानवाधिकार कार्यकर्ता कौमी शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की शहादत वर्षगांठ के अवसर पर छह सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में विशेष गुरमत समागम आयोजित किया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने रविवार को पटियाला स्थित गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से मीरी-पीरी खालसा मार्च के एक चरण के शुभारंभ के अवसर पर यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति में श्री अकाल तख्त साहिब में चार सितंबर को श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किया जाएगा। छह सितंबर को अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा।

जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च की शुरुआत नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब से जुड़े पवित्र स्थान से हो रही है। गुरु साहिब ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। ऐसे में छह सितंबर को भाई जसवंत सिंह खालड़ा को याद करना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा मानवाधिकारों के प्रबल रक्षक थे और उन्होंने पंजाब में राज्य दमन के दौरान मारे गये युवाओं के परिवारों की पहचान स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष श्री अकाल तख्त साहिब में उनकी स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

जत्थेदार ने सभी सिख संगठनों और संगत से छह सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में होने वाले समागम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक वर्ष छह सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में भाई जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

जत्थेदार गड़गज्ज ने बताया कि हरिके में प्रस्तावित शहीदी पत्तन स्मारक के लिए भूमि की पहचान करने के प्रयास भी जारी हैं। इस स्मारक में भाई जसवंत सिंह खालड़ा के साथ-साथ पंजाब के हजारों अन्य शहीदों की स्मृति को संजोया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मारक का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।

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