जशपुर , जून 08 -- छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में बड़े पैमाने पर सीड बॉल निर्माण अभियान चलाया जा रहा है। मानसून पूर्व ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी से अब तक लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार की गई हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद और स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों में विकसित होते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। कम लागत में बड़े क्षेत्र में वनीकरण के लिए इसे प्रभावी तकनीक माना जाता है।

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के तहत आम, जामुन, करंज, नीम और इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के बीजों से सीड बॉल तैयार किए गए हैं।

ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अभियान में हिस्सा लेते हुए इसे प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल वर्षा ऋतु के दौरान बंजर, पहाड़ी और वन क्षेत्रों में वितरित किए जाएंगे, जहां हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के प्रति सामूहिक दायित्व बताया।

अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट और बिहान के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

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