रायपुर , अक्टूबर 08 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रस्तावित इस कॉलेज में 50 सीटों के साथ इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रारंभ करने की योजना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार कॉलेज का प्रारंभिक संचालन कंडोरा में लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन में किया जाएगा। इस भवन में हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद राज्य सरकार ने उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए करने का निर्णय लिया है।
कॉलेज की स्थापना से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी की व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर उनकी निर्भरता कम होने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
कॉलेज के स्थायी परिसर के लिए चराईडांड के समीप लगभग 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन विकसित करने की योजना है। स्थायी परिसर का निर्माण पूरा होने तक कंडोरा स्थित भवन में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
प्रस्तावित कॉलेज में विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, कॉलेज की स्थापना से भविष्य में स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी उपचार सुविधाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वर्तमान में जिले के कई मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। विशेषज्ञ सेवाओं का स्थानीय स्तर पर विकास होने से ऐसे मरीजों को राहत मिलने की संभावना है।
राज्य सरकार का कहना है कि जशपुर जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कंडोरा में प्रस्तावित फिजियोथेरेपी कॉलेज इसी दिशा में एक पहल है।
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