बारां , जुलाई 26 -- राजस्थान में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव अब हाड़ौती संभाग में देखने को मिल रहा है।

बारां जिले की किशनगंज तहसील के ग्राम रामपुरिया जागीर निवासी हनुमान प्रसाद जांगिड़ के पुत्र धीरज शर्मा की शुक्रवार शाम बारां स्थित उनकी मिठाई की दुकान पर अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने भरसक प्रयास किया, किंतु मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बंद होने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

होनहार पुत्र की असमय मृत्यु के वज्रपात के बीच,शोकाकुल पिता हनुमान प्रसाद जांगिड़ ने समाजहित में बड़ा दिल दिखाते हुए बेटे का अंगदान व नेत्रदान कराने का अनुकरणीय निर्णय लिया। उन्होंने अपनी पत्नी संतोष देवी एवं पुत्रियों शिखा और रुचि की सहमति प्राप्त करने के बाद मेडिकल कॉलेज बारां के प्राचार्य डॉ. अरविंद अग्रवाल, अधीक्षक डॉ. नरेंद्र अग्रवाल और शरीर रचना विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुश आसोपा से संपर्क कर अंगदान की इच्छा व्यक्त की।

परिजनों की त्वरित सहमति मिलने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र हितेश खंडेलवाल ने अंग व नेत्र संकलन दल को सूचित किया। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम देर रात बारां पहुंची और सभी आवश्यक चिकित्सीय एवं कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दिवंगत धीरज शर्मा के सुरक्षित अंगों (किडनी/कॉर्निया) का संकलन किया, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन और नई दृष्टि मिल सकेगी।

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