भोपाल , मार्च 11 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र जीतू पटवारी ने आज बुधवार को भोपाल स्थिति प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जल संसाधन विभाग की टेंडर प्रक्रिया, सिंचाई परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और फर्जी बैंक गारंटी के मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष को कृषि वर्ष घोषित किया है, लेकिन सिंचाई परियोजनाओं की स्थिति ठीक नहीं है और किसान पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सिंचाई परियोजनाएं ही ठप पड़ी हैं तो इसे कृषि वर्ष कहा जाए या ठेकेदारी और कमीशन का वर्ष।
पटवारी ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग में टेंडर प्रक्रिया पर कुछ सीमित कंपनियों का कब्जा दिखाई देता है। कई बड़े टेंडरों में बार-बार वही कंपनियां अलग-अलग क्रम में सामने आती हैं, जिससे टेंडरों के रोटेशन की आशंका बनती है और अन्य कंपनियों को अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने दावा किया कि कुछ कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों के बीच व्यावसायिक संबंधों की चर्चा है, जिनकी भूमिका की जांच होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ परियोजनाओं में तकनीकी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं, जिनमें जमीन पर सस्ती पाइप लगाकर कागजों में महंगी पाइप का भुगतान दिखाया गया है।
पटवारी ने कहा कि हाल में फर्जी बैंक गारंटी का मुद्दा भी सामने आया है और इसके बावजूद संबंधित विभागों में इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी प्रणाली लागू नहीं की गई है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ कंपनियां कथित रूप से फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर टेंडर हासिल कर अग्रिम भुगतान ले रही हैं और कार्य में देरी हो रही है।
उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना और पार्वती-सिंध परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं, पर्यावरणीय प्रभाव और लाभ के वितरण को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल संसाधन विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच कराई जाए, विभाग में इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी प्रणाली लागू की जाए और वर्ष 2023-24 में लगाए गए टेंडरों की न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही किए गए भुगतानों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग की गई है। पटवारी ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जांच एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराने के लिए आवेदन देगा।
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