पटना , अप्रैल 07 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि जल संरक्षण पर अभी से ध्यान देने की जरूरत है नहीं तो अगली लड़ाई पानी के लिए लड़नी होगी।

कृषि मंत्री श्री यादव ने आज ''जल-जीवन-हरियाली'' अभियान अंतर्गत राज्यस्तरीय ''जल-जीवन-हरियाली दिवस'' कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह दिवस पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह हमे जल-जीवन-हरियाली के गहरे संबंध को समझाने और इसे संरक्षित करने की प्रेरणा भी देता है। जल ही जीवन का आधार है। जल के बिना जीवन की कल्पना भी असंभव है, लेकिन आज के दौर में जल संकट एक गंभीर समस्या बन चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या अनियंत्रित शहरीकरण और जल के असंतुलित उपयोग के कारण भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है। इसके साथ ही वृक्षों की अंधाधुंध कटाई ने पर्यावरण असंतुलन को और भी बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण पर अभी से ध्यान देने की जरूरत है नहीं तो अगली लड़ाई पानी के लिए लड़नी होगी।

श्री यादव ने कहा कि इसी संकट को देखते हुए राज्य को प्रदुषण से मुक्त करने एवं वातावरण को स्वच्छ तथा स्वस्थ्य बनाने के उद्देश्य से 13 जुलाई 2019 को बिहार विधान मंडल के सदस्यों की संयुक्त बैठक में सभी सदस्यों से विचार विमर्श किया गया एवं प्राप्त सुझावों के आलोक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान की रूप-रेखा तैयार की गई। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती के मौके पर 02 अक्टूबर, 2019 को मुख्यमंत्री श्री कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान का शुभारम्भ किया। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना और पर्यावरण संतुलन बनाये रखना है।

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