नयी दिल्ली , अगस्त 31 -- जल शक्ति मंत्रालय मंगलवार और बुधवार को यहां सुषमा स्वराज भवन में अपना पहला विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा।
मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकारी संघवाद के विजन के तहत आयोजित यह पहला विभागीय शिखर सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय मजबूत कर जल-सुरक्षित और विकसित भारत- 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
आधिकारिक सूचना के अनुसार इस दो दिवसीय सम्मेलन में जल अवसंरचना परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन, 'जल संचय जन भागीदारी-कैच द रेन', पेयजल स्रोतों की स्थिरता तथा जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर चर्चा होगी।
मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व तथा वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परियोजनाओं की निगरानी, परिसंपत्ति प्रबंधन और समुदाय आधारित जल शासन जैसे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में राज्य अपने अनुभव और कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियां साझा करेंगे तथा विभिन्न विषयों पर समयबद्ध कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी। समापन सत्र में राज्यों की ओर से चर्चा से सामने आए प्रमुख परिणाम और कार्ययोजनाएं प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।
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