पटना , मई 17 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के जलाशयों और तालाबों के आसपास पीपीपी मॉडल पर इको टूरिज्म विकसित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने रविवार को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' सभागार में इको टूरिज्म से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर तथा जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना और प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार के सभी जलाशयों के आसपास बेहतर पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जाएं और इसके लिए पीपीपी मॉडल अपनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय लोगों से संवाद कर उनके सुझाव भी लिये जाएं। साथ ही पर्यटकों की सुविधा और प्रोत्साहन के लिए जल्द पर्यटन पैकेज तैयार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक इन स्थलों का आनंद उठा सकें।

श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।उन्होंने कहा कि बिहार में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिनके विकास पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी तालाबों, जलाशयों और वेटलैंड क्षेत्रों के आसपास व्यापक पौधारोपण कराया जाए तथा उन्हें व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे राज्य का हरित आवरण बढ़ेगा और जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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