पटना , जनवरी 10 -- बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलापूर्ति अवसंरचना का निर्माण किया गया है और इन योजनाओं का सुचारु संचालन एवं रख-रखाव सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता में शामिल है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सरकार की ओर से आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान, कोलकाता तथा यूनिसेफ बिहार के संयुक्त तत्वावधान में जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव नीति के संबंध में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन 'हर घर नल का जल' योजना के अंतर्गत राज्य में संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श के उद्देश्य से किया गया है।
कार्यशाला के दौरान रख रखाव नीति के पिछले चार वर्षों के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की गई। इसमें जलापूर्ति योजनाओं के नियमित रख-रखाव, परिसंपत्तियों के प्रबंधन, जल गुणवत्ता की निगरानी, उपभोक्ता सहभागिता, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा तकनीक के माध्यम से निगरानी जैसे विषय शामिल रहे। विभिन्न जिलों एवं फील्ड स्तर के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए अनुभवों के आधार पर नीति के व्यावहारिक पक्षों पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री श्री सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलापूर्ति अवसंरचना का निर्माण किया गया है और इन योजनाओं का सुचारु संचालन एवं रख-रखाव सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि संचालन एवं रख-रखाव नीति के माध्यम से जलापूर्ति सेवाओं की निरंतरता, जल गुणवत्ता की निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया गया है।
मंत्री श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव का अनुबंध समाप्ति की ओर हैं, उनकी समय रहते पहचान की जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं के लिए रख रखाव की निविदा प्रक्रिया मौजूदा अनुबंध की अवधि समाप्त होने से पूर्व पूरी की जाए, ताकि किसी भी जलापूर्ति योजना में संचालन एवं रख-रखाव के अभाव में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के विशेष सचिव संजीव कुमार ने कहा कि 'हर घर नल का जल' योजना के बाद राज्य में ग्रामीण जलापूर्ति क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 1.20 लाख से अधिक ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण कर 1.86 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं रख-रखाव के लिए विभाग की तरफ से चार वर्ष पूर्व व्यापक रख रखाव नीति लागू की गई थी, जिसके क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों को इस कार्यशाला में साझा किया गया।
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