बैतूल , सितंबर 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में सोमवार को नगर पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आईं। सुबह फिल्टर प्लांट की मोटर में तकनीकी खराबी के कारण गंज और कोठीबाजार क्षेत्र के कई वार्डों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। दोपहर बाद मोटर की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल की गई, लेकिन सुभाष, दुर्गा और मालवीय वार्ड सहित कुछ क्षेत्रों में माचना नदी का मटमैला और बदबूदार पानी घरों तक पहुंचने की शिकायत मिली।

सुबह पानी नहीं मिलने के बाद दोपहर में गंदा पानी आने से रहवासियों की परेशानी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान माचना नदी में मिट्टी की मात्रा बढ़ने की जानकारी होने के बावजूद फिल्टर प्लांट ऐसी स्थिति से निपटने में प्रभावी नहीं रहा। कई परिवारों ने नल से आए पानी को घरेलू उपयोग से पहले अलग रख दिया।

सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल भी शहर में मौजूद थे। उनकी मौजूदगी के दिन ही शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आने से नगर पालिका की व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल उठे। रहवासियों ने जलशोधन व्यवस्था की नियमित निगरानी और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

जल शाखा प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि अधिक बारिश के कारण माचना नदी के पानी में मिट्टी की मात्रा अचानक बढ़ गई थी, जिससे कुछ क्षेत्रों में पानी मटमैला आया। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी जलापूर्ति की गई, लेकिन वहां से ऐसी शिकायत नहीं मिली।

स्थानीय लोगों ने फिल्टर प्लांट के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी हाजिरी के बाद पर्याप्त समय मौके पर नहीं देते। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। नगर पालिका के अनुसार मोटर की मरम्मत के बाद जलापूर्ति बहाल कर दी गई है और फिल्टर प्लांट की प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ाई गई है।

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