तिरुवनंतपुरम , सितंबर 19 -- केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह केवल कृषि नुकसान होने के बाद मुआवजा देने के बजाय जलवायु से जुड़ी आपदाओं से बचाव और पूर्व तैयारियों के लिए राज्यों को अग्रिम पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करे।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री सिद्दीकी ने कहा कि केरल जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है। राज्य में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। चरम मौसम की यह स्थितियां कृषि क्षेत्र के लिए अत्यधिक चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिकूल जलवायु के प्रभावों से निपटने के लिए कई कार्यक्रम लागू कर रही है, लेकिन वित्तीय तंगी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। एल नीनो जैसे घटनाक्रमों के कारण अत्यधिक गर्मी, सूखा, मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं बार-बार आ रही हैं। उन्होंने केंद्र से आपदा पूर्व तैयारियों और रोकथाम उपायों के लिए तत्काल विशेष वित्तीय मदद देने का आग्रह किया।
सम्मेलन में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और कर्नाटक के कृषि मंत्रियों ने भी इसी तरह की चिंताएं जतायी।
श्री सिद्दीकी ने केंद्र से किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने और चार प्रतिशत की मौजूदा रियायती ब्याज दर को बनाए रखने की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने उन दिशानिर्देशों को वापस लेने का अनुरोध किया जिससे 'ओनाट्टुकरा विकास एजेंसी' द्वारा विकसित बीजों का भौगोलिक संकेत दर्जा प्रभावित हो सकता है।
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