चंडीगढ़ , अप्रैल 03 -- पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ बलबीर सिंह और वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य भर में जल-जनित और ज़ूनोटिक (पशुओं से फैलने वाली) बीमारियों के खिलाफ एक एकीकृत प्रतिक्रिया तैयार करने के लिए उच्च स्तरीय 'स्टेट टास्क फोर्स' की बैठक की है।
डॉ. सिंह ने शुक्रवार को कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, रेबीज और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई के लिए 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य रणनीतियों को एकीकृत किया गया हो।
उन्होंने बताया कि राज्य ने अपने डायग्नोस्टिक बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत किया है, और अब 47 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए मुफ्त एलिसा परीक्षण की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, सभी आम आदमी क्लीनिकों में मलेरिया और डेंगू परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है।
डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि डेंगू का बोझ 2021 में 23,389 मामलोंहसे घटकर 2025 में केवल 4,981 रह गया है। संबंधित मृत्यु दर 55 से घटकर केवल आठ रह गयी है। पिछले सीजन के दौरान 1.5 करोड़ घरों का दौरा कर की गयी निगरानी इस सफलता का मुख्य आधार रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिये कि 'हर शुक्रवार डेंगू ते वार' अभियान (हर शुक्रवार सुबह 8:00 से 9:00 बजे तक) को एक जन आंदोलन बनाया जाये। इसमें छात्रों और शिक्षकों को शामिल कर कूलरों, गमलों और ओवरहेड टैंकों में जमा पानी जैसे प्रजनन स्थलों को नष्ट करने पर ध्यान दिया जाये। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि 2025 में डेंगू के लगभग 42 प्रतिशत मामले ग्रामीण क्षेत्रों से थे, इसलिए अब गांवों के तालाबों में फॉगिंग, लार्वानाशक छिड़काव और गंबूशिया मछली छोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
डॉ सिंह ने बताया कि रेबीज नियंत्रण के लिए राज्य के 746 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज टीके उपलब्ध हैं। आवारा कुत्तों में 70 प्रतिशत हर्ड इम्युनिटी हासिल करने के लिए जिला-वार पशु जन्म नियंत्रण सुविधाओं में तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं। स्थानीय निकाय और जल आपूर्ति विभागों को पेयजल का 100 प्रतिशत क्लोरीनीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि हेपेटाइटिस ए, ई, दस्त और हैजा को रोका जा सके। फिरोजपुर के हजारा सिंह वाला गांव में हाल ही में फैले लेप्टोस्पायरोसिस पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि वह स्वयं वहां का दौरा करेंगे और भविष्य के लिए मॉडल एसओपी तैयार करेंगे।
श्री चीमा ने आश्वासन दिया कि वित्त विभाग इस गिरावट के रुझान को बनाये रखने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब रोडवेज और पीआरअीसी वर्कशॉप को पुराने टायरों और वाहनों के टूटे हिस्सों (जो मच्छर प्रजनन के प्रमुख स्थान हैं) का समय पर निपटान करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने 2026 में रोग मुक्त पंजाब सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
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