मुरादाबाद , जून 3 -- जर्मनी द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डों पर ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता समाप्त किए जाने का स्वागत करते हुए मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ (एमएचईए) ने इसे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर हस्तशिल्प उद्योग के लिए महत्वपूर्ण और लाभकारी निर्णय बताया है। जर्मनी में यह व्यवस्था तीन जून से प्रभावी हो गई है, जिसके तहत भारतीय नागरिकों को जर्मन हवाई अड्डों के माध्यम से किसी तीसरे देश की यात्रा के लिए अब एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।

एमएचईए के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने बुधवार को कहा कि इस निर्णय से यूरोप, अमेरिका, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंचने वाले भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब जर्मनी के प्रमुख हवाई अड्डों के माध्यम से यात्रा करने वाले उद्यमियों को ट्रांजिट वीजा से जुड़ी औपचारिकताओं, अतिरिक्त खर्च और प्रतीक्षा अवधि से मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और अन्य प्रमुख जर्मन हवाई अड्डों के जरिए अंतरराष्ट्रीय यात्राएं अधिक सुगम होने से व्यापारिक बैठकों, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों और कारोबारी गतिविधियों में भागीदारी आसान होगी। जर्मनी यूरोप का प्रमुख ट्रांजिट केंद्र होने के कारण भारतीय निर्यातकों को बेहतर वैश्विक कनेक्टिविटी और अधिक उड़ान विकल्प उपलब्ध होंगे।

श्री रहमान ने कहा कि इस निर्णय से मुरादाबाद के हस्तशिल्प, होम डेकोर और मेटल क्राफ्ट उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार और यात्रा से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी उद्योग जगत तक शीघ्र पहुंचाने के लिए प्रभावी समन्वय तंत्र विकसित किया जाए, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के निर्यातक भी इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता समाप्त होने का अर्थ जर्मनी में वीजा-मुक्त प्रवेश नहीं है। भारतीय नागरिकों को जर्मनी में प्रवेश करने अथवा हवाई अड्डे के ट्रांजिट क्षेत्र से बाहर जाने के लिए पूर्ववत आवश्यक वीजा नियमों का पालन करना होगा।

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