बैतूल , अक्टूबर 06 -- बैतूल-परतवाड़ा मार्ग की बदहाल स्थिति के बावजूद टोल वसूली किए जाने के विरोध में बैतूल ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कोथलकुंड टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग की है। यूनियन ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि स्थानीय वाहनों से दोबारा नकद टोल वसूली का प्रयास किया गया तो नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन अध्यक्ष शैलेन्द्र (संजू) राठौर ने बताया कि बैतूल-परतवाड़ा मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हिस्से और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन का आरोप है कि करीब 15 वर्षों से सड़क का पर्याप्त सुदृढ़ीकरण और मरम्मत नहीं हुई है। इसके बावजूद वाहन चालकों से टोल वसूला जा रहा है।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार पिछले करीब दो माह से स्थानीय वाहनों से टोल वसूली नहीं की जा रही थी, लेकिन अब फिर से नकद टोल देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यूनियन का दावा है कि कोथलकुंड टोल प्लाजा की निर्धारित अनुबंध अवधि भी समाप्त हो चुकी है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है।
यूनियन ने कहा कि जब तक सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होता, स्थानीय वाहन संचालक टोल देने के पक्ष में नहीं हैं। इस मुद्दे से बैतूल कलेक्टर को भी पूर्व में अवगत कराया जा चुका है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजा अली, मुनावर भाई, चिंटू गौर, सूरज दुबे, दीनु पंवार, मनोज तलेड़ा, दिनेश राठौर, बंटी राठौर, राजू मालवीय, राम महेश्वरी, श्याम सोनी और कमल सेनानी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
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