तेहरान , अप्रैल 03 -- ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 'लापरवाह आक्रमकता' का उल्लेख करते हुए उसके साथ शांति स्थापित करने की अपील की है।
श्री जरीफ ने कहा कि लंबी अवधि का संघर्ष केवल विनाश और अनिश्चितता को बढ़ाता है और स्थायी समाधान के लिए प्रत्यक्ष और वास्तविक बातचीत ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण ढंग से विवाद सुलझाने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा है कि मौजूदा संघर्ष के किसी भी समाधान में ईरान के राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।
पूर्व विदेश मंत्री ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अपने प्रस्ताव की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस शांति योजना को सार्वजनिक करने को लेकर अपने मन में चल रहे द्वंद्व (खींचतान) का भी जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "एक ईरानी होने के नाते, मैं डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामकता और उनके अपमानजनक बयानों से गुस्से में हूँ। मुझे अपनी सेना और देश के लोगों पर गर्व है, इसलिए पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में इस शांति योजना को छपवाने को लेकर मेरे मन में उलझन थी। फिर भी, मुझे यकीन है कि युद्ध का अंत ईरान के राष्ट्रीय हितों के हिसाब से ही होना चाहिए।"ईरान के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री जैसे बड़े पदों पर रह चुके श्री ज़रीफ़ का मानना है कि तमाम मुश्किलों के बाद भी ईरान, अमेरिका-इजरायल के लगातार हवाई हमलों के सामने मजबूती से टिका हुआ है।
अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में अपना प्रस्ताव रखने के कुछ घंटों बाद श्री ज़रीफ़ ने कहा, "ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया था लेकिन एक महीने से ज्यादा की लड़ाई के बाद यह साफ है कि जीत ईरान की हो रही है। लगातार बमबारी के बावजूद हमने अपने देश को बचाया है और हमलावरों को करारा जवाब दिया है।"श्री ज़रीफ़ ने अपने लेख में चेतावनी दी कि भले ही ईरान को सैन्य सफलता मिल रही हो लेकिन आगे की लड़ाई से आम जनता और देश के ढांचे का भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह हिंसा एक बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक युद्ध का रूप ले सकती है। उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि युद्ध के पहले ही दिन करीब 170 स्कूली बच्चों की मौत पर दुनिया खामोश है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित