मुंबई , सितंबर 07 -- मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के अनिश्चितकालीन अनशन के 10वें दिन राज्य सरकार ने मराठा समुदाय को लाभ पहुंचाने वाले चार सरकारी निर्णय (जीआर) जारी किये।

इसके बावजूद श्री जरांगे पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा और मांगें न मानने पर 11 सितंबर के बाद महाराष्ट्र बंद करने व मुंबई कूच की चेतावनी दी।

श्री जरांगे पाटिल ने सरकार पर वादे लागू करने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और कहा कि हैदराबाद गजट से जुड़े निर्णय पर दो महीने बाद भी कार्रवाई ढीली है। उन्होंने चेतावनी दी कि 12 सितंबर तक का समय दिया गया है और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो मराठा समुदाय मुंबई पहुंचेगा।

उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कामकाज के तरीके की कड़ी आलोचना की।

श्री जरांगे पाटिल ने कहा कि यदि आंदोलनकारियों पर कोई कार्रवाई या हमला हुआ तो 10 मिनट में पूरा महाराष्ट्र बंद कर दिया जायेगा, साथ ही उन्होंने समर्थकों से 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी पहुंचने का आह्वान किया।

वहीं सरकार के जारी निर्णयों के तहत मराठा छात्रों को ओबीसी वर्ग की सभी सुविधाएं दी जायेंगी और छात्रवास भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। साथ ही 'सारथी' संस्था के माध्यम से विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की फीस सीधे संस्थानों को भेजी जायेगी, स्कॉलरशिप की अधिकतम सीमा हटा दी गयी है और अमेरिका एवं ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए अतिरिक्त वार्षिक भत्ता तय किया गया है।

इसके अलावा 1,440 मराठा व कुनबी युवाओं को चार-पहिया वाहन चलाने का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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