मुंबई , सितंबर 16 -- महाराष्ट्र में मुंबई स्थित 'एमी फाउंडेशन' नामक गैर-सरकारी संगठन ने बुधवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति न देने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई किए जाने की संभावना है।
पीयूष शाह द्वारा संचालित एमी फाउंडेशन ने याचिका में कहा है कि अगर श्री जरांगे पाटिल को मुंबई में प्रदर्शन करने की इजाजत दी जाती है, तो सार्वजनिक सड़कों और स्थलों को अवरुद्ध किया जा सकता है। इससे वर्तमान में चल रहे गणेशोत्सव पर्व के दौरान आम जनता, श्रद्धालुओं और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
एनजीओ ने 'सार्वजनिक सभा, विरोध और जुलूस नियम, 2025' का हवाला देते हुए तर्क दिया कि नागरिकों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इसका तात्पर्य जनता को अनिश्चितकाल के लिए परेशानी में डालना नहीं है। गौरतलब है कि इस संस्था ने 2025 के मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान भी जनहित याचिका दायर की थी।
दूसरी ओर, श्री जरांगे पाटिल के मुंबई आने और आजाद मैदान में करीब 50 समर्थकों के साथ अनशन पर बैठने की संभावना बनी हुई है, हालांकि अभी तक उनकी ओर से उच्च न्यायालय में कोई औपचारिक याचिका दायर नहीं की गई है।
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