बैतूल , मार्च 1 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आदिवासी विकासखंड भीमपुर में रविवार को जय आदिवासी युवा शक्ति के तत्वावधान में आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर विशाल महारैली और सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया गया। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए और संवैधानिक प्रावधानों के पालन की मांग उठाई।
जयस द्वारा आयोजित रैली ग्राम पिपरिया से प्रारंभ होकर भीमपुर बस स्टैंड तक लगभग तीन किलोमीटर निकाली गई। रैली में शामिल लोग पारंपरिक वेशभूषा में थे और अपने अधिकारों से जुड़े संदेश वाले बैनर एवं तख्तियां लेकर चल रहे थे। आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
इस अवसर पर महारानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा, विष्णु सिंह गोंड, गंजन सिंह कोरकू और भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। आयोजकों ने इन हस्तियों को आदिवासी समाज के गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बताया।
रैली के समापन के बाद भीमपुर पुलिस ग्राउंड में आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पारंपरिक नृत्य, सामाजिक जागरूकता से जुड़े उद्बोधन और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दी गईं। प्रियांशी भलावी, ममता उइके, विशाल काकोड़िया और शिवम इरपाचे ने लाइव ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरा। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी भागीदारी की।
इस दौरान जयस पदाधिकारियों ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जनजातीय क्षेत्रों में संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत प्रदत्त अधिकारों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। संगठन ने कहा कि जनजातीय समुदाय की सामुदायिक भूमि को संरक्षित वन घोषित किए जाने से उनके पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
संगठन ने मांग की कि जनजातीय समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पांचवीं और ग्यारहवीं अनुसूची के सभी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री और पर्यावरण मंत्री को भी भेजी गई हैं। जयस ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित