नयी दिल्ली , मार्च 27 -- विदेश मंत्री डाॅ एस. जयशंकर ने जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा को लेकर विकासशील देशों की चिंताओं को साझा करते हुए पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक शासन व्यवस्था में त्वरित सुधार और अधिक सुदृढ़ व्यापार गलियारों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

डाॅ जयशंकर ने शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में जी-7 बैठक में दो सत्रों को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, शांति स्थापना अभियानों के सुव्यवस्थित संचालन और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "विशेष रूप से ऊर्जा चुनौतियों, उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा को लेकर विकासशील देशों की चिंताओं को उठाया।"एक अन्य सत्र में उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पश्चिम एशिया के संघर्ष के प्रभाव की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा ,"पश्चिम एशिया में संघर्षों से उत्पन्न अनिश्चितताएं अधिक सुदृढ़ व्यापार गलियारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता को और मजबूत बनाती हैं।"विदेश मंत्री ने भारत- पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे का भी उल्लेख किया और कहा कि यूरोपीय संघ, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के सदस्य देशों तथा ब्रिटेन के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों ने इस परियोजना की उपयोगिता को बढ़ाया है, तथा इस पहल के लिए "व्यापक समर्थन और उत्साह" का स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विदेश मंत्री की चर्चाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विदेश मंत्री ने बैठक के दौरान फ्रांस, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राज़ील, ब्रिटेन , जर्मनी और यूक्रेन के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।

प्रवक्ता ने कहा, "हमारी वैश्विक भागीदारों के साथ बातचीत जारी है और इन चर्चाओं में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया के घटनाक्रम भी शामिल रहे।" उन्होंने दोहराया कि वैश्विक शासन व्यवस्था सत्र में डा जयशंकर ने "सुरक्षा परिषद में सुधारों की अनिवार्यता, शांति स्थापना अभियानों को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने" पर जोर दिया, साथ ही जारी संघर्षों के व्यापक वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित किया।

विदेश मंत्री जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए गुरुवार से फ्रांस में हैं।

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