नयी दिल्ली , फरवरी 22 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अम्मा जयललिता में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी और देश की सांस्कृतिक विरासत पर उन्हें बहुत गर्व था।

श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में आज कहा कि हमारे देश में ऐसे लोग हमेशा जनता के दिलों में बसे रहते हैं जिन्होंने समाज के कल्याण के लिए काम किया होता है, जिन्होंने अपने नेक कार्यों में जनता को प्राथमिकता दी होती है। अम्मा जयललिता, ऐसी ही एक लोकप्रिय नेता थीं। 24 फरवरी उनके जन्मदिन का अवसर होता है। तमिलनाडु के लोगों का उनसे लगाव कितना गहरा था, यह मुझे आज भी राज्य के दौरे में दिखता है। अम्मा जयललिता जी का जिक्र होते ही, तमिलनाडु के लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। हमारी नारी शक्ति का जुड़ाव तो उनसे और विशेष रहा है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि सरकार में रहते हुए उन्होंने माताओं-बहनों और बेटियों के लिए कई सराहनीय प्रयास किये। राज्य में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए भी उन्होंने बहुत ठोस कदम उठाए थे। देशभक्ति की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। इसके साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत पर उन्हें बहुत गर्व था।

उन्होंने कहा कि अम्मा जयललिता के साथ हुई हर मुलाकात, हर प्रकार की बातचीत मेरे मन में आज भी ताजा है। वे गुजरात में 2002 और 2012 में हुए मेरे दो शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। जब हम दोनों अपने-अपने राज्य में मुख्यमंत्री थे, तब गुड गवर्नेन्स जैसे विषयों पर अक्सर हमारे बीच बातचीत होती रहती थी। उनकी सोच बिल्कुल स्पष्ट थी और विचार बेहद सुलझे हुए। यह उनकी एक बड़ी खासियत थी। कई वर्ष पहले उन्होंने पोंगल के पावन अवसर पर मुझे लंच के लिए चेन्नई आमंत्रित किया था। स्नेह से भरा उनका वो भाव मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगा। एक बार फिर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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