जयपुर , जनवरी 12 -- दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शुमार जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में एक विशेष सत्र में कार्तिकेय वाजपेयी की पहली पुस्तक 'द अनबिकमिंग' को प्रस्तुत किया जायेगा।

श्री वाजपेयी के अनुसार यह सत्र उनकी जेएलएफ में पहली उपस्थिति होगी, जिसमें उनके उपन्यास को अंतरराष्ट्रीय पाठकों, लेखकों और विचारकों के सामने औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया शामिल होंगे और सत्र का संचालन पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की प्रकाशन निदेशक मिली ऐश्वर्या करेंगी।

'द अनबिकमिंग' अपनी आत्ममंथनकारी शैली और दार्शनिक दृष्टि के लिए चर्चा में है। उपन्यास में पहचान, महत्वाकांक्षा और आत्मिक स्पष्टता जैसे प्रश्नों को गहराई से टटोला गया है। दलाई लामा की प्रस्तावना से सुसज्जित यह पुस्तक ध्यान, खेल और आत्म-चिंतन की लंबी साधना का परिणाम है और भारतीय कथा साहित्य में एक नए विचारशील स्वर को सामने लाती है।

जेएलएफ में श्री वाजपेयी उन अनुभवों और विचारों को साझा करेंगे, जिनसे इस पुस्तक की रचना संभव हुई। चर्चा के केंद्र में मार्गदर्शन, अपेक्षाएं और विरासत में मिली पहचान को पीछे छोड़कर प्रामाणिकता की खोज जैसे विषय होंगे। श्री पुगलिया इस बातचीत को सांस्कृतिक और सार्वजनिक जीवन के व्यापक परिप्रेक्ष्य से जोड़ेंगे।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा प्रकाशित द अनबिकमिंग सिद्धार्थ, एक प्रसिद्ध क्रिकेटर, और उसके गुरु अजय के बीच विकसित होते रिश्ते की कहानी है। यह कथा बाहरी सफलता और आंतरिक संतोष के बीच के तनाव को उजागर करती है और आधुनिक जीवन में स्थिरता और जागरूकता की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार करती है।

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