जयपुर , अक्टूबर 22 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र जयपुर (शहर) में दीपावली के पावन अवसर पर गुरुवार को दो दिवसीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी 'दीपावली उत्सव' का शुभारंभ हुआ।
22 गोदाम स्थित केन्द्र परिसर में आयोजित प्रदर्शनी (उत्सव) के पहले ही दिन एक हजार से अधिक आगंतुक पहुंचे। इसमें 70 से अधिक स्टॉल्स लगाई गई हैं जहां जयपुर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हस्तशिल्पियों और बुनकरों द्वारा तैयार किए गए अनूठे पारंपरिक उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है।
इनमें बगरू एवं सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट, बंधेज, विश्वप्रसिद्ध ब्लू पॉटरी, कुंदन-मीनाकारी ज्वेलरी, काष्ठ कला (लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट्स), तारकशी, पारंपरिक पेंटिंग्स, मिट्टी के बर्तन, गृह सज्जा व दीपावली पूजा सामग्री विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
उत्सव में अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय दस्तकारों एवं बुनकरों को सीधा बाजार उपलब्ध करवाकर 'वोकल फॉर लोकल' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना को साकार करना है। बिचौलियों के बिना सीधे खरीदारों से जुड़ने से स्थानीय कारीगरों को बेहतर मूल्य मिल पा रहा है।
केन्द्र की महाप्रबंधक डॉ अनुकृति सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर स्वदेशी उत्पादों की खरीद करें और स्थानीय कारीगरों का संबल बढ़ाएं। यह दो दिवसीय उत्सव शुक्रवार को संपन्न होगा। प्रदर्शनी सुबह दस से शाम साढ़े सात बजे तक रहेगी।
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