जयपुर , अक्टूबर 11 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में दस दिवसीय राज्य स्तरीय अमृता हाट का रविवार को शुभारंभ हुआ।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं महिलाओं को उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने तथा जयपुरवासियों को एक ही स्थान पर प्रदेशभर के निर्मित एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राज्य स्तरीय अमृता हाट यहां जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम परिसर में शुरु हुआ जो 20 अक्टूबर तक चलेगा।

विभाग की शासन सचिव पूनम ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्तरीय अमृता हाट का सायं छह बजे शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्रीमती पूनम ने महिला समूहों द्वारा तैयार हस्त उत्पादों के स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं महिला क्राफ्ट वर्कर्स से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महिला अधिकारिता विभाग का लक्ष्य हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनका सम्पूर्ण सशक्तिकरण करना है। इसके लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से प्रतिवर्ष जिलों में अमृता हाट का आयोजन किया जाता है तथा इसी क्रम में राज्य स्तरीय अमृता हाट का आयोजन जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में किया जाता है।

इसका परिणाम है कि स्वयं सहायता समूह की हस्तशिल्पी महिलाएं इस तरह के आयोजनों से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रही हैं बल्कि उनके परिवारजन भी उनके कार्य से जुड़ रहे हैं जिससे उनकी पूरी पारिवारिक इकाई का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि अमृता हाट में राजस्थान के सभी जिलों के लगभग 170 महिला स्वयं सहायता समूहों एवं महिलाओं द्वारा निर्मित एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। इसमें हैण्डीक्राफ्ट, कशीदाकारी, लाख की चूड़ियां, पेपरमेशी आइटम, सलवार सूट, टेराकोटा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, चिकन एवं जरी वर्क, कांच एवं पेच वर्क, अचार, मुरब्बा, मसाले एवं अन्य हस्तनिर्मित आकर्षक उत्पाद उपलब्ध हैं।

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