जयपुर , अक्टूबर 21 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में तीन दिन से पुलिस आयुक्तालय के बाहर एनएसयूआई की नेता रितु बराला के नयी दिल्ली में मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार को पुलिस के लिखित में दे देने पर समाप्त हो गया।

श्री डोटासरा ने मीडिया को बताया कि पुलिस के लिखित में देने के बाद धरना तो समाप्त हो गया, लेकिन राजस्थान की पुत्रीको न्याय मिले, इसके लिए कांग्रेस पार्टी राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष जायेगी।

उन्होंने बताया कि वह एवं कांग्रेस के अन्य नेता राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने के लिए दो दिन पहले पुलिस आयुक्तलयमें रितु बराला के साथ हुए व्यवहार की प्राथमिकी दर्ज कराने आए थे, लेकिन आयुक्तालय के अधिकारी इंतजार करने का कहकर बिना बात करें चले गये। दो दिन तक पुलिस आयुक्तालय में कांग्रेस के नेता रात-दिन धरने पर बैठे रहे और कांग्रेस कार्यकर्ता बाहर आंदोलन करते रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी बात नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन तक मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री भजनलाल शर्मा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, गृह सचिव, पुलिस आयुक्त से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, "आज जब तीसरे दिन हमने करो या मरो की बात कही तो पुलिस ने हमारे साथ बात की लेकिन जीरो एफआईआर के लिए मना कर दिया।"उन्होंने कहा कि आज पुलिस आयुक्त की ओर से यह बताया गया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत चूंकि दिल्ली में शिकायत का परिवाद दिया हुआ है, इसलिए राजस्थान पुलिस को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के जीरो एफआईआर दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है जो कि कानून की गलत व्याख्या है। वास्तविकता में रितु बराला की शिकायत पर न दिल्ली और ना ही कहीं ओर प्राथमिकी दर्ज हुई है, ऐसे में राजस्थान पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में कानून की गलत व्याख्या करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं होने की बात लिखित में दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं कर कानून का उल्लंघन किया है और पूर्व में किसी अन्यत्र स्थान पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के बावजूद जीरो एफआईआर दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार नहीं होने की बात कही गई, जो अपने आप में एक अपराध है, इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध उन्हें सजा दिलाने तथा राजस्थान की बेटी को न्याय मिले इसके लिए कांग्रेस पार्टी राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष जायेगी और कानून की गलत व्याख्या करने वाले अधिकारियों को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि तीन दिन तक उनके साथ खड़े रहने के लिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एवं कई विधायक और नेताओं तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया।

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