जयपुर , सितंबर 25 -- देश में पॉलीहाउस और संरक्षित खेती करने वाले किसानों का राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तहत शुक्रवार को जयपुर में किसानों ने ने अपनी मांगों को लेकर जयपुर में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
जयपुर के दुर्गापुरा में स्थित अंतर्राष्ट्रीय बागवानी नवाचार और प्रशिक्षण केन्द्र पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि सहायता में कटौती और पात्रता के नए नियमों पर 10 राज्यों के किसानों ने 11 शहरों में साझा विरोध दर्ज कराया हैं। किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि गत जून से एनएचबी ने पॉलीहाउस की कोई नयी जीओसी जारी नहीं की है, जिससे योजना के तहत नया प्रोजेक्ट शुरू करने वाले किसान अटके हैं। नयी जीओसी के आवेदन भी बंद हैं। उनके अनुसार एनएचबी से जुड़ी नई परियोजनाओं का काम रुकने से निर्माता और निर्माण टीमें नए ऑर्डर के लिए तरस रही हैं। देरी बढ़ी तो बैंक की ऋण मंजूरी की अवधि खत्म हो सकती है, दोबारा मूल्यांकन हो सकता है या शर्तों के अनुसार मंजूरी रद्द हो सकती है।
बड़े पैमाने पर रोजगार छिनने के खतरे की आशंका जताते हुए किसानों ने मांग की है कि एनएचबी मंजूरियों के आंकड़े जारी करे और समयबद्ध प्रक्रिया तुरंत बहाल की जानी चाहिए। प्रदर्शन आयोजकों के अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में पॉलीहाउस किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। अभियान में अहमदाबाद (गुजरात), जयपुर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), बेंगलुरु (कर्नाटक), देहरादून (उत्तराखंड), हरियाणा के किसानों की भागीदारी के लिए चंडीगढ़, रायपुर (छत्तीसगढ़), चेन्नई (तमिलनाडु) तथा महाराष्ट्र के पुणे और नाशिक के एनएचबी कार्यालय शामिल रहे।
साझा ज्ञापन के जरिए किसानों ने एनएचबी से 21 अगस्त का सर्कुलर वापस लेने, 50 प्रतिशत सहायता बहाल करने और नए नियम बनाने से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा की मांग रखी हैं। विरोध प्रदर्शन में जीओसी का इंतजार कर रहे आवेदकों, ऋण मंजूर करा चुके किसानों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और सहायता की प्रतीक्षा कर रहे तैयार फार्मों की समस्याएं एक साथ उठीं।
किसानों ने चेताया है कि अगर एनएचबी सात दिन में लिखित जवाब और 21 अगस्त का सर्कुलर वापस नहीं लिया एवं मांगें पूरी नहीं हुईं तो पॉलीहाउस किसानों को फिर बड़ी संख्या में एनएचबी मुख्यालय, गुरुग्राम में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।
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