जम्मू , सितंबर 22 -- पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के नेतृत्व में भोपाल से जम्मू पहुंचे मीडिया दल ने मंगलवार को जम्मू विमानतल के सिविल एन्क्लेव का दौरा कर वहां चल रहे विस्तार और आधुनिकीकरण कार्यों की जानकारी ली। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जम्मू के निदेशक देवेंद्र यादव ने मीडिया दल को विमानतल की मौजूदा विमानन अधोसंरचना और नए टर्मिनल भवन सहित अन्य विस्तार कार्यों की जानकारी दी।

श्री यादव ने बताया कि नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रनवे का रखरखाव और संचालन रक्षा अधिकारियों द्वारा किया जाता है, जबकि टर्मिनल सुविधाओं, एयरसाइड वाणिज्यिक संचालन और यात्री प्रबंधन का काम भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण संभालता है।

उन्होंने बताया कि 864 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली आधुनिकीकरण और विस्तार परियोजना वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में शुरू हुई थी और निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रही है। परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसके नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

निदेशक ने बताया कि नए यात्री टर्मिनल का क्षेत्रफल मौजूदा 14,500 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 42,000 वर्ग मीटर किया जा रहा है। इसके अलावा 14,500 वर्ग मीटर का अतिरिक्त बेसमेंट भी बनाया जाएगा। पीक आवर यात्री हैंडलिंग क्षमता 1,080 से बढ़कर 2,000 यात्रियों की हो जाएगी। इसमें 1,000 यात्रियों के आने और 1,000 यात्रियों के जाने की क्षमता होगी। विमान परिचालन के लिए एप्रन की क्षमता भी नौ विमान पार्किंग बे से बढ़ाकर 13 पार्किंग बे की जा रही है।

नए टर्मिनल परिसर में मौजूदा तीन के मुकाबले छह एयरोब्रिज, पांच से बढ़ाकर 16 सेल्फ-चेक-इन कियोस्क, 20 से बढ़ाकर 36 चेक-इन काउंटर और दो से बढ़ाकर चार बैगेज कन्वेयर बेल्ट होंगे। इसमें इन-लाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और प्रस्थान के लिए एलिवेटेड एक्सेस रोड भी बनाया जा रहा है। परिसर में 500 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी।

ग्रीन बिल्डिंग के रूप में तैयार किए जा रहे इस परिसर का लक्ष्य ऊर्जा दक्षता के 35 मानकों को पूरा कर प्रतिष्ठित पांच-स्टार ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट (जीआरआईएचए) रेटिंग हासिल करना है।

वर्तमान में जम्मू विमानतल से प्रतिदिन लगभग 15 निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन होता है। यहां प्रतिदिन लगभग 3,500 यात्रियों का आवागमन होता है और सालाना करीब 14 लाख यात्री विमानतल का उपयोग करते हैं।

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