जम्मू , मई 24 -- जम्मू स्थित सीएसआईआर- भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान ने प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रोफेसर सर्ज मिग्नानी के साथ एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संवाद एवं सहयोगात्मक बैठक की जो औषधि खोज अनुसंधान में वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोफेसर मिग्नानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक एवं औषधीय रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सैनोफी के वैज्ञानिक निदेशक ने सीएसआईआर-आईआईआईएम के निदेशक डॉ. जबीर अहमद और अनुसंधान दल से मुलाकात की और तपेदिक रोधी दवाओं की खोज, ऑन्कोलॉजी, सूजन और सीएमएस रोग अनुसंधान के क्षेत्रों में चल रही सहयोगी अनुसंधान पहलों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान, डॉ. ज़बीर अहमद ने प्रोफेसर मिग्नानी का संस्थान में स्वागत किया और महत्वपूर्ण रोग क्षेत्रों में नवीन स्वास्थ्य समाधानों को गति देने और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग के महत्व पर बल दिया।
बैठक में तपेदिक और अन्य संक्रामक रोगों के खिलाफ अगली पीढ़ी के चिकित्सीय कारकों को विकसित करने के उद्देश्य से सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रमों के अंतर्गत भारत-फ्रांस वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रोफेसर मिग्नानी को औषधीय रसायन विज्ञान और फार्मास्युटिकल अनुसंधान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने बेल्जियम के कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ लौवेन से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और बाद में सैनोफी में शामिल होने से पहले अमेरिका में प्रख्यात वैज्ञानिकों के साथ काम किया जहां उन्होंने कई प्रमुख दवा खोज कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने 200 से अधिक वैज्ञानिक प्रकाशनों में योगदान दिया है और लगभग 180 पेटेंट उनके नाम हैं। उनके नेतृत्व में विकसित कई यौगिक नैदानिक परीक्षणों तक पहुंच चुके हैं जिनमें एक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध चिकित्सीय उत्पाद भी शामिल है। सीएसआईआर-आईआईएम जम्मू में प्रोफेसर मिग्नानी संस्थान के औषधि खोज प्रभाग से जुड़े हुए हैं और तपेदिक रोधी नए एजेंटों के विकास पर अग्रणी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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