जम्मू , अगस्त 11 -- पीओके के शरणार्थियों के संगठन 'एसओएस इंटरनेशनल' ने 1947 से पीओके की हिंदू और सिख आबादी के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय का जिक्र करते हुए समिति से ठोस सुधारात्मक उपायों की मांग को लेकर केंद्र सरकार की जनसांख्यिकीय बदलाव समिति को ज्ञापन सौंपा है।
'एसओएस इंटरनेशनल' के अध्यक्ष राजीव चुनी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में प्रो. एनएन शर्मा (उपाध्यक्ष), विनोद कुमार दत्ता (महासचिव), भाई राम सिंह (सचिव) और वेद राज बाली (सचिव) शामिल थे।
ज्ञापन में कहा गया है कि 1947 के हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन सरकार ने शुरू में लगभग 31,600 परिवारों का पंजीकरण किया था, लेकिन लगभग 9,500 परिवारों का पंजीकरण मामूली वजहों से मनमाने ढंग से अस्वीकार कर दिया गया। पंजीकृत परिवारों में से केवल 26,300 परिवारों को ही राज्य के भीतर बसाया गया, जबकि लगभग 5,300 पंजीकृत परिवारों और 9,500 बिना पंजीकरण वाले परिवारों को भारत के अन्य हिस्सों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। औपचारिक रूप से पंजीकृत परिवारों के पंजीकरण रिकॉर्ड जम्मू-कश्मीर सरकार के आधिकारिक अभिलेखागार में मौजूद हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि ये परिवार महाराजा हरि सिंह के 1927 के राज्य के नागरिक कानून के तहत राज्य के मूल निवासी थे और उन्होंने बार-बार अपनी मातृभूमि लौटने की इच्छा जतायी है।
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